हेल्थ टिप्स – आंवला

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हेल्थ टिप्स – आंवला

क्या आंवले का मुरब्बा सेहत के लिए फायदेमंद है?

शायद ही कोई होगा जो आँवले से परिचित न हो, इसका उपयोग किसी न किसी रूप में हमारे घरों में अवश्य ही होता है। आंवला गुणों का भंडार है, आयुर्वेद में इसे अमृतफल भी कहा गया है।

अमृतफल, इसके नाम में ही अमृत शब्द है, इससे ही जान सकते है, कि ये कितना अधिक गुणकारी होता है।

आंवला शरीर के लिए बेहद गुणकारी हैं। आंवला में विटामिन C, विटामिन AB कॉम्‍प्‍लेक्‍स, पोटैश‍ियम, कैलशियम, मैग्‍नीशियम, आयरन, कार्बोहाइड्रेट, फाइबर और डाययूरेटिक एसिड पाए जाते हैं।आँवला में सबसे अधिक रोग प्रतिरोधक , रक्त शोधक तत्व पाए जाते हैं। आँवले में रोग निरोधक गुण होने के कारण इसके सेवन से स्वतः ही कुछ रोगों का बचाव हो जाता है।

आंवला शरीर की इम्‍यूनिटी बढ़ाता है और साथ ही साथ आंवला कई बीमारियों को जड़ से भी खत्‍म करता है।

आंवला का रस आंखों के लिए गुणकारी है, यह आंखों की रोशनी बढाता है। यही नहीं जिन्‍हें मोतिया बिंद, कलर ब्लाइंडनेस या कम द‍िखाई देता है उन्‍हें आंवले का रस पीना चाहिए। आंवला में ऐसे तत्‍व मौजूद होते हैं जो दिमाग को ठंडक प्रदान करते हैं।

आंवले में विटामिन सी, एंटीऑक्सीडेंट और पोषक तत्वों का भंडार होता है। इसकी सबसे खास बात यह है, कि इसे पकाने, उबालने आदि से भी इसके गुणों में कमी नहीं आती है।

आँवला खाने के लाभ

  • यह पाचन तंत्र को सही रखता है, जिससे मधुमेह रोग में भी फायदा होता है क्योंकि मधुमेह भी खराब पाचन का ही परिणाम होता है।
  • शरीर में हीमोग्लोबिन की कमी को आंवले के नियमित उपयोग से कम किया जा सकता है। आंवला शरीर में खून की कमी नहीं होने देता है।
  • आँखों की रौशनी बढ़ाने में आंवला अमृत के समान है, जिन लोगों को आंखो से संबन्धित कोई भी समस्या हो उन्हें आंवला रोज अवश्य ही खाना चाहिए।
  • बुखार में भी आंवला फायदा करता है, बारबार बुखार आना या शरीर में हल्का बुखार हमेशा ही रहता हो, ऐसे में आंवला बहुत लाभ देता है।
  • एसिडिटी, त्वचा रोग, बालों की समस्या, साथ ही आंवला याददाश्त को बढ़ाने में मदद करता है।
  • आंवला का मुरब्बा गर्भावस्था के लिए अच्छा गर्भवती महिलाओं को आंवले के मुरब्बे का सेवन किया जाए तो यह मां और बच्चे दोनों के लिए स्वास्थ्य के लिए बहुत ही अच्छा होता है. यदि गर्भवती महिला आंवला के मुरब्बे का नियमित रूप से सेवन करे तो उसके शरीर में होने वाले हार्मोन परिवर्तन बाल गिरने की समस्या को रोका जा सकता है. मुरब्बा बच्चे की आंखों की क्षमता को बढ़ाने में भी उनकी मदद करता है।
  • रोग प्रतिरोधक क्षमता को ठीक रखें आंवले के मुरब्बे का नियमित रूप से सेवन किया जाए तो यह रोग प्रतिरोधक क्षमता को भी ठीक रखने में सहायक है. इसमें विटामिन सी अच्छी मात्रा में पाया जाता है. आंवले के मुरब्बे के फायदे हमारे अच्छे स्वास्थ्य को बढ़ावा देते हैं. इसमें अच्छी मात्रा में एंटीऑक्सीडेंट के गुण भी होते हैं जोकि हमारी रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाए रखने में सहायक होते हैं।
  • मासिक धर्म के लिए फायदेमंद आंवला का मुरब्बा महिलाओं में मासिक धर्म चक्र के दौरान होने वाला दर्द का उपचार करने के लिए आंवला मुरब्बा बहुत ही अच्छी औषधि है जिन महिलाओं को मासिक धर्म चक्र के समय ऐंठन होती है उन्हे आंवले का मुरब्बा का नियमित रूप से सेवन करना चाहिए. यह उन्हें दर्द से छुटकारा दिलाता है और साथ ही मासिक धर्म से संबंधित अन्य समस्याओं को भी नियंत्रित रखने में मदद करता है.
  • त्वचा के लिए फायदेमंद आंवले का मुरब्बा आजकल युवा पीढ़ी में बहुत से लोग अपनी त्वचा को सुंदर और चमकदार बनाने में बहुत सी दवाइयों का इस्तेमाल करने लगते हैं. उनका इस्तेमाल करने से उनकी त्वचा पर कोई फायदा नहीं होता है बल्कि नुकसान होता है लेकिन अगर आप आंवले के मुरब्बे का नियमित रूप से सेवन करते हैं तो आपकी त्वचा चमकदार और सुंदर बनने में सहायक होती है. मुहासे और दाग धब्बो से भी यह छुटकारा दिलाता है. यह आपकी त्वचा को स्वस्थ बनाने का सबसे अच्छा प्राकृतिक तरीका है।
  • आंवला का मुरब्बा खून कि कमी को दूर करता है आंवले का मुरब्बा खून की कमी को दूर करने में सहायक होता है. जिन लोगों को खून की कमी होती है उनके लिए आंवले का मुरब्बा एक बहुत ही बढ़िया औषधि है. यह बहुत से रोगों के लिए लाभकारी होती है जो मासिक धर्म के समय भारी रक्तस्राव से ग्रस्त रहती है. उन महिलाओं में आयरन की कमी को पूरा करने के लिए आंवला का मुरब्बा का सेवन कर सकते है.
  • पेट की समस्या को दूर करने के लिए फायदेमंद पेट की समस्या के लिए अगर आप नियमित रूप से आंवले का मुरब्बा का सेवन करें तो यह आपकी पेट की समस्या को दूर कर देता है. यह यकृत को भी स्वस्थ बनाने में सहायक होता है इसीलिए यदि अपच और पेट का भारीपन महसूस कर रहे हैं तो उन से छुटकारा पाने के लिए आप आंवले के मुरब्बे का सेवन कर सकते हैं.
  • जोड़ों के दर्द में आंवला फायदेमंद गठिया या सूजन का उपचार करने के लिए आंवले का मुरब्बा का उपयोग किया जा सकता है. यह घुटने और जोड़ों के दर्द से छुटकारा दिलाने में आपकी मदद करता है. जोड़ों के दर्द को ठीक करने के लिए आप आंवले को कच्चे या आंवले का मुरब्बा का दिन में दो बार कर सकते हैं.

आंवला के मुरब्बे के नुकसान ऊपर हमने आंवले के मुरब्बे के फायदे के बारे में बताया. अब इसके नुकसान के बारे में बताने जा रहे हैं. आंवले के मुरब्बा खाने के बहुत से फायदे हैं लेकिन इस को ज्यादा मात्रा में खाने से आप को नुकसान भी हो सकते हैं।

  • इसका सेवन ज्यादा मात्रा में करने से मूत्र त्याग करते समय दर्द होने की समस्या हो सकती है।
  • आंवले के मुरब्बे का सेवन ज्यादा मात्रा में करने से पेट की ऐंठन हो सकती है।
  • इसका ज्यादा सेवन करने से पीठ में दर्द हो सकता है।
  • आंवले का मुरब्बा ज्यादा मात्रा में खाने से दस्त की समस्या हो सकती है।
  • इसका सेवन ज्यादा मात्रा में खाने से उल्टी की समस्या या जी मचलाने की समस्या हो सकती है।

इसको कैसे खा सकते हैं ?

आंवले का स्वाद खट्टाकसैला सा होता है, इसलिए कुछ लोग खासकर बच्चे इसे खाना पसंद नहीं करते हैं। ise kai alag alag tarike se istemal kiya ja sakta hai

  • आंवलापुदीना की चटनी बनाकर
  • आंवले का जैम बनाकर
  • आंवले की शिकंजी
  • आंवले की सब्जी
  • रस बनाकर

आंवले को सब्जी या दाल में डालकर, छोले में डालने से रंग के साथ उसका स्वाद भी बढ़ जाता है। रोज़ आँवला खाना लाभदायक होता है पर एक सीमित मात्रा में ही। अत्यधिक मात्रा में आंवले का सेवन करने से खट्टी डकार, एसिडिटी, दस्त की शिकायत हो सकती है। अति किसी भी चीज़ की बुरी होती है।

कहावत है: आमले का खाया और बड़ों का कहा बाद में रंग लाता है|

आंवले की पौष्टिकता को शरीर होल्ड कर के रखा है और धीरे धीरे रिलीस करता है| इसलिए जिनको बचपन से ही आंवले का सेवन करवाया जाता है (किसी भी रूप में कच्चा, केंडी, मुरब्बा, चूरन, जैसे भी) उनकी इम्मुनिटी ताउम्र बढ़िया रहती है, आंखे, बाल आदि दारुस्त रहते है, बुदापा जल्दी नहीं आता|

किनको नहीं खाना चाहिए आंवला ?

  • जिनको खट्टी चीजों से एलर्जी हो,
  • जिनको अलसर की शिकायत हो,
  • जिनको एसिडिटी की शिकायत हो ।

जब आंवलों का मौसम ना रहे तो सूखे आंवलों को पीसकर के उनका चूर्ण बना लें, फिर एक चम्मच चूर्ण रात मे नींद लेते वक़्त एक चम्मच शहद के साथ ले लेवे इससे बालों की, नाखूनों की सारी समस्याएँ जल्दी दूर हो जाती है।

आँवला स्वास्थ्य रक्षक है, आँवले के मुरब्बे का नियमित रूप से सेवन करने पर खून की कोई कमी नहीं होती, खून शुद्ध बनता है।

आँवला वातहरक है, यह लिवर को ठीक करता है। आँवले का सेवन चटनी, सब्ज़ी, मुरब्बा, रस, कच्चा किसी भी तरह से किया जा सकता है। आँवले की चटनी मे काला नमक मिलाकर खाने से याददाश्त कमजोर नहीं होती, कफ जलन व शरीर की गर्मी ठीक हो जाती है।

आँवला खाने से नजले की शिकायत भी दूर हो जाती है।

आंवला को आयुर्वेद में अमृता कहा जाता है आंवले को सुखा कर जलाकर या किसी भी तरह सेवन करने से इसके गुण खत्म नहीं होते हैं

आंवला विटामिन सी कैल्शियम जैसे कई विटामिन और खनिजों से पूर्ण होता है आयुर्वेद में तीन तरह के रस खट्टा मीठा और कड़वा का महत्व बताया गया है धरती पर आंवला ही ऐसा फल है जिसमे यह तीनों रस विद्यमान है अतः शरीर के वायु पित्त और कफ को बैलेंस करने की आंवले में शक्ति होती है जिससे यह शरीर को स्वस्थ रखता है वैसे तो भोजन का अपना विशेष महत्व है परंतु जो भोजन हम सुबह उठने के बाद सबसे पहले करते हैं उसका प्रभाव एक औषधि की तरह हमारे शरीर में पड़ता है अतः सुबह हमेशा पोस्टिक औषधीय गुणों से पूर्ण भोजन काही सबसे पहले सेवन करना चाहिए

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