व्यापार और व्यापारी

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व्यापार और व्यापारी

 

 

व्यापार और व्यापारी वर्ग वैसे तो एक अलग ही पहचान रखता है और मुझमें ऐसा कोई विशेषता नहीं है की मैं खुद को व्यापारी कह सकूं, परंतु मेरे मित्रों की लंबी लिस्ट में एक बड़ा वर्ग व्यापारियों का है । इनमे छोटे मोटे व्यापार करने वालों से लेकर करोड़ों के सौदे करने वाले लोग भी शामिल है ।

व्यापारी वर्ग में भी विशेष तौर पर जो खाने पीने की चीजें बेचते है वो मुझे विशेष रूप से प्रिय है । ऐसे हो लोगों को जानने का अवसर लॉकडोन के दौरान मिला जब और कुछ किया ही नहीं जा सकता है । उसी वक्त इस क्षेत्र में काम धंधा जमाने वालों की संख्या काफी बढ़ गई और ऐसे लोगों के वीडियो बना बना कर सोशल मीडिया पर डालने वाले तो कुकुरमुत्तों की तरह बढ़ गए । और मेरे लिए भी ऐसे वीडियो वक्त गुजरने का अच्छा साधन बने रहे , जो आज भी चालू है ।

ऐसे वीडियो देख देख कर मैं न केवल नई नई डिशेज बनाना सीखा बल्कि ऐसे व्यापारियों के विषय में भी जाना । खाना बनाने और बेचने वाला यह वर्ग बहुत मेहनती है और इनमे से कुछ काफी आगे भी बड़े है परंतु अधिकांश आज भी लगभग वहीं है जहां से शुरू किया था । मेरी जानकारों में सिर्फ एक है जिन्होंने आलू टिक्की ठेले पर बेचना शुरू किया और आज रेस्टोरेंट के मालिक है बाकी आज भी ठेले पर ही है ।

आजकल सोशल मीडिया का इस्तेमाल कुछ भी परोस देने के लिए किया जा रहा है । हाल ही में एक मोटिवेशनल ब्लॉग दिखाई दिया जिसमे एक कपल द्वारा समोसे बेचने की सफल कहानी बताई गई । अधिकतर लोग बिना सोचे समझे सामने लिखी गई बात पर यकीन कर लेते है परंतु मुझे चेक करने की बुरी बीमारी है । तो जब उस कपल की कमाई और बेचने का हिसाब किताब देखा तो यकीन हो गया की यह एक फर्जी कहानी के अतिरिक्त और कुछ नहीं हो सकती । उनके द्वारा बेचा गया एक समोसा तकरीबन 1200 रुपए का पड़ रहा था जो असंभव है ।

स्ट्रीट फूड बेचने वालो में एक को आलू टिक्की का बादशाह बताते हुए उसके द्वारा हर रोज 5000 प्लेट बेचने का दावा भी दिखाई दिया और वो व्यापारी मेरी जानकारी लिस्ट में काफी ऊपर है इसीलिए सच झूठ का फैसला करना आसान ही था ।

ऐसी की बहुत सारे स्ट्रीट फूड या रेस्टोरेंट्स को बहुत बड़ा चढ़ा कर दिखाने की परंपरा चल रही लगती है । बेशक दावे बहुत बड़े दिखाए जाते है परंतु इसमें दो राय नहीं है की यह वर्ग बहुत मेहनत करता है ।

ऐसे अधिकतर ठेले वाले युवक ही दिखाई देते हा परंतु पिछले कुछ हफ्तों में चंद विडियोज में कुछ महिलाएं भी ठेले पर कुछ बेचती दिखाई दी । ऐसे वीडियो जिनमे महिलाएं कुछ बेचती दिखाई दी मुझे थोड़ा सा भ्रमित कर गए मेरी समझ में नहीं आया की आखिर प्रमोशन किस का किया जा रहा है । जितनी मेहनत बेचने वाली महिला ने खुद तैयार होने पर की उतनी अगर ठेले पर की होती तो शायद स्पष्ट होता की प्रमोशन ठेले का ही है । वैसे यह भी संभव है की इन महिला व्यापारियों को यकीन हो की ठेले पर क्या बिक रहा है वो महत्वपूर्ण नहीं है ।

अक्सर युवक अपना सामान बेचने के लिए तरह तरह के प्रयोग करते दिखाई देते है , एक साहब नाच के स्टेप फ्री में सिखाते है चाय के साथ , वहीं दूसरे साहब चाय के साथ अपनी लिखी शेरो शायरी या चुटकले सुनाते भी दिख जायेंगे । एक अन्य साहब तो लगातार बोलते हुए जूस बनाते है तो वहीं एक अन्य साहब ने हारमोनियम रखा है इच्छा हो तो बजा लो। इसके विपरित महिलाएं सिर्फ चंद ही दिखी और वो भी ठेले से अधिक खुद की मरमत पर ध्यान देते हुए दिखी । वैसे अपवाद हर जगह होते है तो ऐसी ही एक महिला अपवाद स्वरूप दिखाई दी लेकिन सिर्फ एक ।

शायद महिलाओं का व्यापार करने का तरीका आदमियों से अलग ही है । हाल ही में एक 30+ वर्षीय महिला ने चिरपरिचित व्यापार का चयन किया , उसने एक 20- वर्षीय लड़के/खिलाड़ी को डेट करना शुरू किया और फिर शादी भी कर ली । और जल्द ही (शायद एक साल) के भीतर ही तलाक़ के जरिए खिलाड़ी की आधी संपत्ति पर अधिकार जमाने का दावा भी पेश कर दिया । महिला के मुताबिक आधी संपत्ति भी मिलियन या शायद बिलियन डॉलर बनती है । कोर्ट ने महिला को स्पष्ट रूप से बता दिया की खिलाड़ी के पास कोई संपति नहीं है संपत्ति तो खिलाड़ी की मां की है । यह तो सरासर धोखेबाजी है ठीक वैसे ही जैसे हाथी के दांत होते है । महिला ने व्यापार अवश्य किया परंतु शायद उसने होम वर्क अच्छे से नहीं किया था ।

परंतु एक बात तो स्पष्ट है की व्यापार चाहे जो भी हो इसमें ना तो रातों रात करोड़पति हुआ जा सकता है और ना ही हर व्यापारी सफल हो सकता है । संभव है कुछ लोग, सिर्फ कुछ शायद 1% से भी कम सफल हो सकते है परंतु अधिकांश वही रह जाते हैं जहां से शुरू करते है । अधिकांश मोटिवेशनल वीडियो या कार्यक्रम सिर्फ भ्रमित करने के लिए बनाए जाते हैं, किसी को लंबे समय तक बेवकूफ नहीं बनाया जा सकता ।

व्यापार पूरी देखभाल कर चुने क्योंकि कस्टमर को लंबे समय तक मूर्ख नहीं बनाया जा सकता, कहीं ऐसा न हो की हाथ कुछ भी न लगे जैसा कि फुटबॉलर पर दाव खेलने वाली महिला को कुछ नहीं मिला ।

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